Bareilly Today News:
मीरगंज बार एसोसिएशन चुनाव- कड़े मुकाबले में अशोक कुमार उपाध्याय बने अध्यक्ष
(Mirganj Bar Association Elections: Ashok Kumar Upadhyay Elected President After a Close Contest)
By-डॉ स्नेह कुशवाहा(भारत टाइम्स न्यूज़ 24)
“जहां हौसलों की उड़ान बुलंद होती है,
वहीं जीत की कहानी शानदार होती है।
मेहनत की हर एक बूंद रंग लाती है,
और संघर्ष की राह ही पहचान बनाती है।”
Bareilly Today News:
बरेली जनपद की मीरगंज तहसील बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव में इस बार जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। अध्यक्ष पद पर हुए रोमांचक चुनाव में अशोक कुमार उपाध्याय ने अपने प्रतिद्वंदी हबीबुल खान को मात्र 5 मतों से हराकर जीत का परचम लहराया।
चुनाव में कुल 86 अधिवक्ताओं में से 84 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो बार एसोसिएशन के प्रति जागरूकता और सक्रियता को दर्शाता है। अध्यक्ष पद पर अशोक कुमार उपाध्याय को 43 वोट मिले, जबकि हबीबुल खान को 38 मत प्राप्त हुए।
महासचिव पद पर भी कांटे की टक्कर रही, जहां हरीश कुमार लाखा ने 40 मत प्राप्त कर अशोक कुमार को 37 वोटों से पीछे छोड़ते हुए 3 मतों से जीत दर्ज की।
अन्य पदों पर भी परिणाम इस प्रकार रहे—
वरिष्ठ उपाध्यक्ष: धर्मवीर
उपाध्यक्ष: अरविंद कुमार प्रथम
कोषाध्यक्ष: मोर सिंह कोरी
वहीं, एकल नामांकन के चलते-
ऑडिटर: अरविंद कुमार द्वितीय
सह सचिव: प्रेमपाल मौर्य व राजवीर सिंह
को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।

चुनाव परिणाम की घोषणा चुनाव अधिकारी देवेश कुमार शर्मा एवं सहायक चुनाव अधिकारी जयदीप द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष ओमपाल शर्मा, सुनील गंगवार, मुराद बेग, रईस अंसारी, नावेद खान, नवीन कुमार सिंह, नसीमुल खान, दिनेश चन्द्र सक्सेना, आनंदपाल सिंह, सतीश चंद्र सहित अनेक अधिवक्ताओं ने नव-निर्वाचित टीम को बधाई दी।
अध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय ने अपनी जीत पर कहा—
“यह जीत मेरी नहीं, बल्कि पूरे बार के प्रत्येक सदस्य के विश्वास की जीत है। मैं सभी अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा और बार की गरिमा को बनाए रखने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करूंगा।”

महासचिव हरीश कुमार लाखा ने कहा—
“मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे मैं पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ निभाऊंगा। अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।”
वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मवीर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा—
“हम सब मिलकर बार एसोसिएशन को एक नई दिशा देने का प्रयास करेंगे, जहां हर अधिवक्ता की आवाज को महत्व मिलेगा।”
मीरगंज बार एसोसिएशन के इस चुनाव ने यह स्पष्ट कर दिया कि अधिवक्ताओं के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूत पकड़ है। कम अंतर से हुई जीत यह दर्शाती है कि मतदाताओं में विचारों का विभाजन जरूर था, लेकिन लोकतंत्र की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई।
नई टीम के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अधिवक्ताओं की एकता बनाए रखना, न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना और बार की प्रतिष्ठा को और ऊंचाइयों तक ले जाना होगी।
अगर नव-निर्वाचित पदाधिकारी अपने वादों पर खरे उतरते हैं, तो निश्चित ही मीरगंज बार एसोसिएशन आने वाले समय में एक मजबूत और अनुकरणीय संस्था के रूप में उभरेगी।








