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Bareilly Today News: विद्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा की पहल तेज, छात्रों की सुरक्षा पर जोर (Push for First Aid Facilities in Schools Gains Momentum in Bareilly)

Bareilly Today News:
विद्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा की पहल तेज, छात्रों की सुरक्षा पर जोर
(Push for First Aid Facilities in Schools Gains Momentum in Bareilly)

By- डॉ स्नेह कुशवाहा (भारत टाइम्स न्यूज़ 24)

बरेली।
उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद बरेली के पदाधिकारियों ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। परिषद के अध्यक्ष डॉ. लाखन सिंह, जिला मंत्री डॉ. अजीत सक्सेना एवं संगठन मंत्री विवेक मोहन सिंह ने सीबी गंज इंटर कॉलेज बरेली के प्रधानाचार्य भानु प्रताप सिंह के साथ मिलकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह से भेंट की।
इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में बच्चों को होने वाली छोटी-मोटी दुर्घटनाओं, चोटों एवं आकस्मिक स्वास्थ्य समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों के दौरान बच्चों को अक्सर हल्की चोटें लग जाती हैं, जिनका तत्काल उपचार न होने पर समस्या गंभीर हो सकती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि जल्द ही जनपद के विद्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे छात्रों को तत्काल राहत मिल सकेगी और किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।

विद्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स की व्यवस्था आज के समय की एक अत्यंत आवश्यक जरूरत बन चुकी है। बच्चों की सुरक्षा केवल शिक्षण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके स्वास्थ्य और आपातकालीन स्थितियों के लिए भी ठोस प्रबंधन होना चाहिए।
यह पहल न केवल छात्रों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराएगी, बल्कि अभिभावकों का विद्यालयों पर विश्वास भी मजबूत करेगी। साथ ही यह कदम शिक्षकों और छात्रों में प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक होगा।
हालांकि, केवल प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ विद्यालय स्टाफ को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि आपात स्थिति में सही और प्रभावी सहायता प्रदान की जा सके।
यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल साबित हो सकती है और “सुरक्षित विद्यालय” की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जाएगी।

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