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Bharat Times News 24। Bareilly Today News डॉ. सुनीत गिरी ने शिक्षक विधायक पद के लिए दाखिल किया नामांकन, शिक्षक हितों की मजबूती से आवाज उठाने का लिया संकल्प (Dr. Sunit Giri files nomination for Bareilly-Moradabad Teachers’ Constituency, vows to strongly raise teachers’ issues)

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डॉ. सुनीत गिरी ने शिक्षक विधायक पद के लिए दाखिल किया नामांकन, शिक्षक हितों की मजबूती से आवाज उठाने का लिया संकल्प
(Dr. Sunit Giri files nomination for Bareilly-Moradabad Teachers’ Constituency, vows to strongly raise teachers’ issues)

By Dr. Sneh Kushwaha (Bharat Times News 24)
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बरेली, 5 अक्टूबर 2026।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के अधिकृत प्रत्याशी डॉ. सुनीत गिरी ने आगामी बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से शिक्षक विधायक चुनाव के लिए आज अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। नामांकन के दौरान शिक्षकों और संगठन के पदाधिकारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए।

नामांकन से पहले बिशप मंडल इंटर कॉलेज, बरेली में बरेली एवं मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत आने वाले जनपदों के संगठन पदाधिकारियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों की वर्तमान समस्याओं, सेवा संबंधी अधिकारों और सरकार की शिक्षक नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों के सामने आज अनेक गंभीर चुनौतियां हैं। मान-सम्मान, सेवा सुरक्षा, वेतन और पेंशन संबंधी अधिकारों की रक्षा के लिए विधान परिषद में मजबूत, अनुभवी और शिक्षकों की समस्याओं को समझने वाला प्रतिनिधि आवश्यक है।

शिक्षकों की आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख-

नामांकन के बाद डॉ. सुनीत गिरी ने कहा कि शिक्षकों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय आज भी सरकार के समक्ष मजबूती से उठाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने वेतन वितरण अधिनियम, 1971 को शिक्षकों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि यदि इस अधिनियम को किसी भी रूप में समाप्त किया गया तो इसका शिक्षकों की आर्थिक सुरक्षा पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने पुरानी पेंशन योजना की बहाली, 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को ग्रेच्युटी का भुगतान, प्रोन्नत वेतनमान, चयन वेतनमान सहित शिक्षकों की अन्य लंबित समस्याओं के समाधान को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

डॉ. सुनीत गिरी ने कहा कि शिक्षक केवल अपने वेतन और सेवा शर्तों के लिए संघर्ष नहीं करता, बल्कि वह शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए भी अपनी जिम्मेदारी निभाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की आवाज को विधान परिषद में पूरी मजबूती, तथ्य और तर्क के साथ उठाना उनकी प्राथमिकता होगी।

पूर्व शिक्षक विधायक ने की बैठक की अध्यक्षता-

बैठक की अध्यक्षता पूर्व शिक्षक विधायक सुभाष चंद्र शर्मा ने की, जबकि संचालन बरेली मंडल के मंडलीय मंत्री डॉ. नरेश सिंह ने किया।

इस अवसर पर प्रदेशीय मंत्री डॉ. जी.पी. सिंह, प्रधानाचार्य परिषद के जिला अध्यक्ष डॉ. लाखन सिंह, मंडलीय अध्यक्ष रणविजय सिंह, जिला अध्यक्ष बरेली नवनीत शर्मा, जिला मंत्री बरेली मुन्नेश अग्निहोत्री, कोषाध्यक्ष रामानंद कोली, मुकुल मोहन, विनोद तिवारी, शेर सिंह, अरविंद उपाध्याय, राजेंद्र शर्मा, कमलेश लता, मृदुला चंद्रा, आसिफ अली, नीतू सिंह, वंदना वर्मा, खुशबू सरोज, हरिओम, संजय सक्सेना, रणधीर सिंह, रविंद्र शर्मा, प्रेम सिंह, बालक राम, अतुल पंडित, राजीव कुमार पाठक, पुष्पेश मिश्रा, देशराज सिंह, आलोक पाठक, श्रीकांत मिश्रा, भुवनेश चौहान, रश्मि यादव, लक्ष्मीकांत शर्मा, विनोद कुमार, मनोज रस्तोगी, मोहित सक्सेना, विक्रम कुमार, अजय सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने एकजुट होकर शिक्षक हितों, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

अंत में जिला अध्यक्ष नवनीत शर्मा एवं जिला मंत्री मुन्नेश अग्निहोत्री ने नामांकन कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए आए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं संगठन पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।


शिक्षक विधायक का चुनाव केवल एक राजनीतिक चुनाव नहीं, बल्कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, आर्थिक अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद तक पहुंचाने का माध्यम भी माना जाता है। ऐसे में प्रत्याशियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि शिक्षकों के भरोसे पर खरा उतरना होगी।

शिक्षक की आवाज जब एकजुट होती है, तो वह सिर्फ एक मांग नहीं रहती—वह व्यवस्था के सामने एक मजबूत सवाल बन जाती है।

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