#TeachersProtest #OPS #BareillyNews #TeacherRights #UPMadhyamikShikshakSangh #OldPensionScheme #EducationNews – Bharat Times News 24 https://bharattimesnews24.com Bharat Times News 24 Portal Sat, 02 May 2026 15:16:24 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 Bareilly Today News।Bharat Times News 24। शिक्षकों के हक़ की हुंकार: पुरानी पेंशन और सेवा सुरक्षा को लेकर प्रदेशव्यापी धरना (Statewide Protest for Teachers’ Rights: Demand for OPS and Service Security Echoes in Bareilly) https://bharattimesnews24.com/uncategorized/bareilly-today-news%e0%a5%a4bharat-times-news-24%e0%a5%a4-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a4%95%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80/ Sat, 02 May 2026 15:16:20 +0000 https://bharattimesnews24.com/?p=2598 Bareilly Today News।Bharat Times News 24।
शिक्षकों के हक़ की हुंकार: पुरानी पेंशन और सेवा सुरक्षा को लेकर प्रदेशव्यापी धरना
(Statewide Protest for Teachers’ Rights: Demand for OPS and Service Security Echoes in Bareilly)

By-डॉ. स्नेह कुशवाहा
(भारत टाइम्स न्यूज़ 24) Bareilly Today News

बरेली।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय, बरेली पर शिक्षकों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं एवं लंबित मांगों को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नवनीत कुमार शर्मा ने की। धरने के माध्यम से शिक्षकों की प्रमुख मांगों से संबंधित ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा गया।
धरने में शिक्षकों ने चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 18 एवं 21 की बहाली, पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने, समान कार्य के लिए समान वेतन, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण तथा व्यावसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक दर्जा देने जैसी महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से उठाया।

जिलाध्यक्ष नवनीत कुमार शर्मा ने कहा कि
“शिक्षकों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। सरकार को शिक्षकों के सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।”

मंडलीय अध्यक्ष डॉ. रणविजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि
“शिक्षकों की समस्याओं से विभाग को पूर्व में भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समाधान न होने के कारण आज शिक्षक आंदोलन को मजबूर हैं।”

मंडलीय मंत्री डॉ. नरेश सिंह ने कहा कि
“शिक्षक समाज का दर्पण होता है, लेकिन आज वही शिक्षक अपने मूलभूत अधिकारों और पुरानी पेंशन की बहाली के लिए संघर्ष कर रहा है। सेवा सुरक्षा खत्म करना शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है।”

डॉ. लाखन सिंह यादव ने कहा कि
“शिक्षकों की अनदेखी किसी भी समाज के भविष्य को अंधकार की ओर ले जाती है। सरकार को शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”

डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि
“पुरानी पेंशन शिक्षकों का अधिकार है, कोई दया नहीं। इसे जल्द बहाल किया जाना चाहिए।”

डॉ. अखिलेश श्रीवास्तव ने कहा कि
“वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य के बदले समान वेतन मिलना ही चाहिए। यह उनका संवैधानिक अधिकार है।”

डॉ. अवनीश कुमार यादव ने कहा कि
“तदर्थ शिक्षकों का वर्षों से हो रहा शोषण अब बंद होना चाहिए और उनका विनियमितीकरण तत्काल किया जाए।”

ओमप्रकाश राय ने कहा कि
“व्यावसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक दर्जा देकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जाना आवश्यक है।”

अरविंद कुमार उपाध्याय ने कहा कि
“शिक्षकों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। यह आंदोलन शिक्षकों के सम्मान की लड़ाई है।”

गोविंद दीक्षित ने कहा कि
“जब तक शिक्षकों की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।”

मुनीश गंगवार ने कहा कि
“शिक्षक केवल अपने लिए नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आंदोलन कर रहे हैं।”

संजीव महरोत्रा ने कहा कि
“सरकार को शिक्षकों की समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए।”

मुकेश सक्सेना ने कहा कि
“यदि शिक्षकों को सम्मान और सुरक्षा नहीं मिलेगी तो शिक्षा का स्तर प्रभावित होगा।”

ज्ञापन सौंपने के उपरांत पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक अमरकांत जी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री मुन्नेश कुमार अग्निहोत्री ने किया। धरने में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों शिक्षकों एवं संगठन पदाधिकारियों की प्रभावशाली उपस्थिति रही।

✍ यह धरना केवल मांगों का प्रदर्शन नहीं बल्कि शिक्षकों के बढ़ते असंतोष और व्यवस्था से उपजी पीड़ा का प्रतीक भी है। पुरानी पेंशन योजना, सेवा सुरक्षा और समान वेतन जैसे मुद्दे लंबे समय से शिक्षकों के बीच चिंता का विषय बने हुए हैं। यदि समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। शिक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए शिक्षकों का सम्मान और भविष्य सुरक्षित होना अत्यंत आवश्यक है।

“जो खुद जलकर ज्ञान का दीप जलाते हैं,
वही शिक्षक समाज को आगे बढ़ाते हैं।
उनके सम्मान की आवाज़ दबेगी नहीं,
हक़ की लड़ाई में कदम कभी रुकेंगे नहीं।”

]]>