HarishKumarLakha – Bharat Times News 24 https://bharattimesnews24.com Bharat Times News 24 Portal Wed, 20 May 2026 07:50:23 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 Bharat Times News 24।Bareilly Today News बार एसोसिएशन मीरगंज ने लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में सौंपा ज्ञापन (Bar Association Mirganj Submitted Memorandum Against Lathi Charge on Advocates in Lucknow) https://bharattimesnews24.com/uncategorized/bharat-times-news-24%e0%a5%a4bareilly-today-news-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%8f%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%97%e0%a4%82/ Wed, 20 May 2026 07:50:19 +0000 https://bharattimesnews24.com/?p=2630 Bharat Times News 24।Bareilly Today News

बार एसोसिएशन मीरगंज ने लखनऊ लाठीचार्ज के विरोध में सौंपा ज्ञापन
(Bar Association Mirganj Submitted Memorandum Against Lathi Charge on Advocates in Lucknow)

By Dr. Sneh Kushwaha
Bharat Times News 24।Bareilly Today News

मीरगंज/बरेली-
लखनऊ में कलेक्ट्रेट के बाहर अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में बार एसोसिएशन तहसील मीरगंज, जिला बरेली के अधिवक्ताओं ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी मीरगंज को सौंपा। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि 17 मई 2026 को लखनऊ कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर अधिवक्ता अपने अधिकारों एवं समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसमें कई अधिवक्ता घायल हो गए। अधिवक्ताओं का कहना है कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का सभी को अधिकार है और इस प्रकार की कार्रवाई न्याय व्यवस्था एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

ज्ञापन में मांग की गई कि घायल अधिवक्ताओं का समुचित उपचार कराया जाए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की भी मांग उठाई गई।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन मीरगंज के अध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय एडवोकेट, सचिव हरीश कुमार लखा एडवोकेट सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

“जब न्याय के रखवालों पर उठने लगे डंडे,
तो सवाल सिर्फ वकीलों का नहीं, लोकतंत्र का होता है।”

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