Farrukhabad news – Bharat Times News 24 https://bharattimesnews24.com Bharat Times News 24 Portal Mon, 23 Feb 2026 16:23:04 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 Farrukhabad Today News: टीईटी विरोध में शिक्षकों का संगठित आंदोलन, सरकार से निर्णायक समाधान की माँग (United Teachers’ Movement Against TET- Demand for Decisive Government Action) https://bharattimesnews24.com/uncategorized/farrukhabad-today-news-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%88%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a7-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95/ Mon, 23 Feb 2026 16:18:34 +0000 https://bharattimesnews24.com/?p=2379 टीईटी विरोध में शिक्षकों का संगठित आंदोलन, सरकार से निर्णायक समाधान की माँग
(United Teachers’ Movement Against TET- Demand for Decisive Government Action)


Farrukhabad Today News:
“जब हक़ की बात आती है तो खामोशी भी गुनाह बन जाती है,
और जब शिक्षक जागते हैं तो सत्ता की नींव हिल जाती है।”
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आज बीआरसी कमालगंज में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान लंच समय में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार से माँग की कि टीईटी जैसे अनर्गल और अव्यावहारिक आदेश को तत्काल वापस लिया जाए, जिससे शिक्षक पूरे मनोयोग और समर्पण के साथ शिक्षण कार्य कर सकें।
शिक्षकों का स्पष्ट कहना है कि यदि 50 वर्ष की आयु में कोई शिक्षक टीईटी की तैयारी में ही लगा रहेगा, तो वह न तो पूरी निष्ठा से शिक्षण कर पाएगा और न ही शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रख सकेगा। इससे प्रत्यक्ष रूप से बच्चों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित होगा।
इस वजह से शासन-प्रशासन से माँग की गई कि व्यावहारिक समाधान निकालते हुए अध्यापकों को टीईटी से मुक्त किया जाए और शिक्षा व्यवस्था को बोझ नहीं, सहयोग के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।

👉🧍🏼आंदोलन की आगामी रणनीति-
👉 कल: जनपद के सभी शिक्षक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे।
👉 26 तारीख: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला अधिकारी कार्यालय तक धरना-प्रदर्शन।
👉 इसके पश्चात जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा।

ज्ञापन में प्रमुख माँगें—

👉आरटीई संशोधन-2017 को निरस्त किया जाए अथवा उसमें संशोधन किया जाए।
👉जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से पूर्व की भांति छूट देने का कानून बनाया जाए।
शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने माँगें नहीं मानीं, तो प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर पूरे प्रदेश के शिक्षक दिल्ली कूच करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
✊ नेतृत्व व उपस्थित शिक्षकगण-
इस विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से देवेश यादव (वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ),अशोक कुमार सिंह (जिला मीडिया प्रभारी),राजीव यादव (जिला उपाध्यक्ष),
केपी यादव,विष्णु दयाल, रामेश्वर सिंह,गरिमा राठौर,बबीता सिंह, शोभा कुमारी, गीता सिंह, सुमन दीक्षित,फरहा हसनैन, कमल सिंह सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे।
यह समस्त आंदोलन Teachers Federation of India (TFI) के बैनर तले संचालित किया गया।

✍ शिक्षक किसी भी राष्ट्र की बौद्धिक नींव होते हैं। उनसे बार-बार परीक्षा, नियमों और शर्तों के बोझ तले दबाकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अपेक्षा करना व्यावहारिक नहीं है।
नीति-निर्माताओं को यह समझना होगा कि अनुभव, सेवा-काल और समर्पण भी योग्यता के महत्वपूर्ण मानक हैं।
यदि सरकार वास्तव में शिक्षा सुधार चाहती है, तो उसे संवाद,संवेदनशीलता और समाधान के रास्ते पर चलना होगा, न कि केवल आदेश और दमन के रास्ते पर।शिक्षक विरोधी नीतियाँ नहीं, शिक्षक समर्थक निर्णय ही देश के भविष्य को मजबूत बना सकते हैं।

“हर कोशिश में शायद सफलता नहीं मिल पाती,
लेकिन हर सफलता की वजह कोशिश ही होती है।
शिक्षक जब एक हो जाएँ, तो बदलाव तय होता है,
क्योंकि सच की आवाज़ कभी दबाई नहीं जाती।”

रिपोर्ट-डॉ स्नेह कुमार सिंह कुशवाहा।]]>
Farrukhabad Today News: टीएफ़आई (टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया) के आह्वान पर फर्रुखाबाद में शिक्षकों का काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन। https://bharattimesnews24.com/%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%bc%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82/farrukhabad-today-news-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6/ Mon, 23 Feb 2026 14:33:10 +0000 https://bharattimesnews24.com/?p=2374 Farrukhabad Today News:
टीएफ़आई (टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया) के आह्वान पर फर्रुखाबाद में शिक्षकों का काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन।

Farrukhabad Today News:
“ शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) जैसे अव्यावहारिक फरमान वापस लो — शिक्षकों को मानसिक दबाव से मुक्त करो”

“जब इरादों में सच्चाई और दिल में हो जुनून,
तो हर अंधेरे के बाद जरूर निकलता है सुकून।
संघर्ष की राह पर जो डटकर चलता है इंसान,
इतिहास उसी के नाम से करता है पहचान।”

प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आज जनपद फर्रुखाबाद में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर टेट(TET) के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए शिक्षण कार्य किया। शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि इस प्रकार के अनर्गल, अव्यावहारिक और मानसिक दबाव बढ़ाने वाले आदेशों को तत्काल वापस लिया जाए, जिससे शिक्षक पूरे मनोयोग, एकाग्रता और समर्पण के साथ शिक्षण कार्य कर सकें।
शिक्षक संगठनों का स्पष्ट कहना है कि यदि कोई शिक्षक 50 वर्ष की आयु में फिर से टेट जैसी परीक्षाओं की तैयारी में लगा दिया जाएगा, तो वह न तो मानसिक रूप से संतुलित रह पाएगा और न ही पूरी निष्ठा के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकेगा। इसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा। इसलिए शासन-प्रशासन से मांग की गई कि अध्यापकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से पूर्णतः मुक्त किया जाए और कोई व्यावहारिक व मानवीय समाधान निकाला जाए।
शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कल पुनः सभी शिक्षक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। इसके उपरांत 26 तारीख को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला अधिकारी कार्यालय तक विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम प्रेषित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इसके बाद भी यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर पूरे प्रदेश के शिक्षक दिल्ली कूच करेंगे, जिसकी समस्त नैतिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
अभिनेश मिश्रा (जिला अध्यक्ष, पूर्व माध्यमिक जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ),
अवनीश चौहान (जिला अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ),
देवेश यादव (वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ),
डॉ. वीरेंद्र त्रिवेदी (जिला महामंत्री),
अशोक कुमार सिंह (जिला मीडिया प्रभारी),
राजीव यादव (जिला उपाध्यक्ष),
के.पी. यादव, विष्णु दयाल, रामेश्वर सिंह,
गरिमा राठौर, बबीता सिंह, शोभा कुमारी, गीता सिंह, सुमन दीक्षित, फरहा हसनैन, कमल सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
यह संपूर्ण आंदोलन टीएफ़आई – टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में एकजुटता, संगठन और संघर्ष का सशक्त प्रतीक बना, जहाँ शिक्षकों ने एक स्वर में कहा—
“सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियाँ, मानसिक स्वतंत्रता और गरिमापूर्ण जीवन ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सच्ची नींव हैं।”

“हर कोशिश में भले ही जीत न मिल पाए,
मगर हर जीत की शुरुआत कोशिश कहलाए।
जो शिक्षक संघर्ष से पीछे न हटे,
वही आने वाली पीढ़ी का भविष्य सजाए।”

रिपोर्ट-डॉ स्नेह कुमार सिंह कुशवाहा।

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