Farewell party – Bharat Times News 24 https://bharattimesnews24.com Bharat Times News 24 Portal Fri, 03 Apr 2026 11:08:39 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 Bareilly Today News: ज्ञान, अनुशासन और सादगी की मिसाल: वरिष्ठ प्रवक्ता अरविंद कुमार उपाध्याय को भावभीनी विदाई (A Graceful Farewell to Senior Lecturer Arvind Kumar Upadhyay – A Symbol of Knowledge, Discipline and Simplicity) By – https://bharattimesnews24.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be/bareilly-today-news-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80/ Fri, 03 Apr 2026 11:08:35 +0000 https://bharattimesnews24.com/?p=2482 Bareilly Today News:
ज्ञान, अनुशासन और सादगी की मिसाल: वरिष्ठ प्रवक्ता अरविंद कुमार उपाध्याय को भावभीनी विदाई
(A Graceful Farewell to Senior Lecturer Arvind Kumar Upadhyay – A Symbol of Knowledge, Discipline and Simplicity)
By – डॉ. स्नेह कुमार सिंह कुशवाहा
मीरगंज, बरेली।
आरपी इंटर कॉलेज में वरिष्ठ प्रवक्ता अरविंद कुमार उपाध्याय के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह भावनाओं, सम्मान और स्मृतियों से सराबोर रहा। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, समाजसेवियों और शिक्षकों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की सराहना करते हुए उनके योगदान को शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि अरविंद कुमार उपाध्याय ने अपने लंबे शैक्षिक जीवन में अनुशासन, समर्पण और ज्ञान की ऐसी ज्योति जलाई है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।

“मंज़िलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है,
पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।”
वक्ताओं के विचार

प्रबंधक निरुपम शर्मा ने कहा कि
“अरविंद कुमार उपाध्याय जैसे शिक्षक किसी भी संस्थान की पहचान होते हैं। उनका जीवन विद्यार्थियों के लिए आदर्श और शिक्षकों के लिए प्रेरणा है।”

प्रधानाचार्य आरपी इंटर कॉलेज प्रमोद गंगवार ने कहा कि
“उपाध्याय जी ने अपने कर्तव्यनिष्ठ व्यवहार से विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

प्रधानाचार्य गुलाब राय इंटर कॉलेज डॉ. एस.पी. पांडेय ने कहा कि
“एक सच्चा शिक्षक वही है जो अपने विद्यार्थियों के जीवन में प्रकाश भर दे। उपाध्याय जी ने यह कार्य पूरी निष्ठा से किया है।”
पूर्व प्रधानाचार्य ब्रजराज सिंह राघव ने कहा कि
“उनकी कार्यशैली और शैक्षिक दृष्टिकोण सदैव अनुकरणीय रहे हैं। ऐसे शिक्षक संस्थान की धरोहर होते हैं।”

राकेश मोहन पांडेय ने कहा कि
“उपाध्याय जी का व्यक्तित्व सरलता और विद्वता का अद्भुत संगम है।”
महेश चंद पांडेय ने कहा कि
“उन्होंने सदैव विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए, यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
राम प्रकाश शर्मा ने कहा कि
“विद्यालय परिवार में उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।”
बी.वी. दीक्षित ने कहा कि
“उनकी कार्यनिष्ठा और समयपालन की आदत हम सबके लिए प्रेरणा है।”

डॉ. चंद्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि
“उपाध्याय जी का व्यक्तित्व शिक्षा जगत के लिए एक आदर्श उदाहरण है।”
माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री डॉ. नरेश सिंह ने कहा कि
“उन्होंने शिक्षकों के अधिकारों और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए हमेशा सकारात्मक भूमिका निभाई।”

माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष नवनीत शर्मा ने कहा कि
“उपाध्याय जी का योगदान शिक्षक समाज के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।”
जिला महामंत्री मुन्नेश अग्निहोत्री ने कहा कि
“उनकी सरलता और मिलनसार स्वभाव ने सभी का दिल जीत लिया।”
जिला कोषाध्यक्ष रामानंद कोली ने कहा कि
“उनकी विदाई एक युग के समापन जैसी प्रतीत होती है।”
शशि मोहन शर्मा ने कहा कि
“उनके मार्गदर्शन ने कई शिक्षकों को बेहतर शिक्षक बनने की प्रेरणा दी है।”
इस अवसर पर किरन सिंह ने एक भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया, जबकि डॉ. स्नेह कुमार सिंह कुशवाहा ने भी संचालन के दौरान एक गीत सुनाकर वातावरण को भावुक बना दिया।
“शिक्षक वो दीपक है जो खुद जलकर राह दिखाता है,
ज्ञान की ज्योति से हर जीवन को उजियारा बनाता है।”

कार्यक्रम के अंत में अरविंद कुमार उपाध्याय ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि
“शिक्षण कार्य मेरे लिए केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज सेवा का माध्यम रहा है। विद्यार्थियों का प्रेम ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।”
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. स्नेह कुमार सिंह कुशवाहा ने किया।
इस अवसर पर मीरगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय, विनीत शर्मा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ और अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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किसी भी समाज की प्रगति उसके शिक्षकों की गुणवत्ता और समर्पण पर निर्भर करती है। अरविंद कुमार उपाध्याय जैसे शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान नहीं देते बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र और संस्कार का निर्माण भी करते हैं। ऐसे शिक्षकों की विदाई एक औपचारिक घटना नहीं बल्कि उस शैक्षिक परंपरा के प्रति सम्मान है जिसने समाज को दिशा दी है।
“कुछ लोग किताबों में लिखे जाते हैं,
कुछ लोग दिलों में बस जाते हैं।
अरविंद जी जैसे गुरुजन इतिहास नहीं,
प्रेरणा बनकर पीढ़ियों में जिये जाते हैं।”

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