Bareilly Today News:
तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, कार्रवाई न होने पर एसडीएम से पुनः गुहार
(Allegation of Illegal Encroachment on Pond Land, Complaint Submitted Again to SDM for Action)
By-डॉ स्नेह कुशवाहा(भारत टाइम्स न्यूज़24)
Bareilly Today News:
मीरगंज, बरेली।
तहसील मीरगंज के ग्राम बिहारीपुर परगना सिरौली स्थित सार्वजनिक तालाब की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर प्रशासन के सामने उठाया गया है। ग्राम निवासी दीपक पुत्र अमर सिंह ने उपजिलाधिकारी मीरगंज को विस्तृत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि ग्राम समाज की तालाब की भूमि पर कुछ दबंग एवं प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे तालाब का अस्तित्व समाप्त होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
प्रार्थी के अनुसार उक्त भूमि खाता संख्या 00166, गाटा संख्या 139 के रूप में सार्वजनिक उपयोग हेतु सुरक्षित है, किंतु उस पर लगातार अवैध कब्जा किया जा रहा है। इससे न केवल तालाब की प्राकृतिक संरचना प्रभावित हो रही है, बल्कि ग्राम समाज की सार्वजनिक संपत्ति को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है।

प्रार्थी ने बताया कि इस मामले में वह पूर्व में कई बार मौखिक एवं लिखित शिकायतें कर चुका है। दिनांक 19 फरवरी 2026, 23 फरवरी 2026 और 7 मार्च 2026 को भी संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके अतिरिक्त 16 मार्च 2026 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से जिलाधिकारी बरेली एवं उपजिलाधिकारी मीरगंज को भी शिकायत भेजी गई, परंतु उस पर भी अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि लेखपाल द्वारा मौके पर पहुंचकर भूमि की नापजोख की गई, जिसमें अवैध कब्जे की पुष्टि हुई। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कब्जा हटाने या दोषियों के खिलाफ कोई विधिक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रार्थी ने आशंका व्यक्त की है कि यदि समय रहते अवैध कब्जे को नहीं रोका गया तो तालाब की भूमि पूरी तरह समाप्त हो सकती है, जिससे पर्यावरण और ग्राम समाज को अपूरणीय क्षति होगी।
प्रार्थी ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तालाब की भूमि गाटा संख्या 139 को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए तथा कब्जा करने वालों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही इस प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रार्थी ने जनहित एवं न्यायहित में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि सार्वजनिक तालाब की भूमि को सुरक्षित किया जा सके।








