By-डॉ स्नेह कुमार सिंह कुशवाहा
नन्हे कदमों में छुपा है कल का सारा आसमान,
ज्ञान की रोशनी से ही होगा भारत महान।
Bareilly Today News-
मीरगंज/बरेली-
बरेली जनपद के ब्लॉक संसाधन केंद्र मीरगंज में खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार के दिशा निर्देशन में “हमारे आंगन–हमारे बच्चे” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक और प्रेरणादायक बना दिया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विधायक का बुके, शॉल एवं बैच लगाकर भव्य स्वागत किया गया।

अपने संबोधन में विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा ने कहा कि छोटे बच्चे की प्राथमिक शाला उसका घर होता है और जो संस्कार एवं शिक्षा उसे परिवार से मिलती है, वही आगे चलकर समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और शिक्षा विभाग तथा आंगनवाड़ी के बीच बेहतर समन्वय बच्चों के भविष्य को सशक्त बना सकता है।
कार्यक्रम में विज्ञान एआरपी अरविंद गंगवार ने बताया कि बच्चे का सर्वांगीण विकास परिवार से ही प्रारंभ होता है, वहीं सामाजिक एआरपी राजेश कुमार ने जानकारी दी कि बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने के लिए आईआईटी गांधीनगर द्वारा विकसित “वंडर बॉक्स” के माध्यम से नई शिक्षण पद्धतियों को अपनाया जा रहा है।
इसी क्रम में एआरपी हिंदी पूनम देवी एवं एआरपी सचिन मुरारी शर्मा ने भी अपने विचार रखते हुए नई शिक्षा पद्धतियों और बाल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।
नोडल संकुल शिक्षक अमित कुमार ने बताया कि किसी भी बालक का अधिकतम मानसिक और बौद्धिक विकास 3 से 6 वर्ष की आयु के बीच होता है। वहीं नोडल संजीव कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं को बताया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक द्वारा निपुण बालकों और नोडल संकुल शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही संविलियत विद्यालय चुरई दलपतपुर के बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार स्वरूप धनराशि भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में बाल विकास परियोजना सुपरवाइजर रामबेटी, सर्वेश गंगवार, रमेश मौर्य, आकाश सक्सेना, अरविंद गंगवार, तेज बहादुर, सतेंद्र कुमार, तेजपाल, संतोष गंगवार, घनश्याम शर्मा, अरविंद शर्मा, धन सिंह, देवेंद्र सिंह, बालेश्वर पाठक सहित अनेक शिक्षकों और कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

“हमारे आंगन–हमारे बच्चे” कार्यक्रम वास्तव में नई शिक्षा नीति के उस उद्देश्य को साकार करता है जिसमें प्रारंभिक बाल शिक्षा को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार 3 से 6 वर्ष की आयु में बच्चों का मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास सबसे तेज होता है। ऐसे में आंगनवाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बीच समन्वय शिक्षा की नींव को मजबूत कर सकता है।
मीरगंज में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि प्रारंभिक शिक्षा के महत्व को समाज के सामने रखने का एक प्रभावी प्रयास है। यदि इसी तरह शिक्षक, अभिभावक और प्रशासन मिलकर काम करें तो आने वाले समय में निपुण भारत मिशन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्य को प्राप्त करना आसान हो सकता है।
रिपोर्ट-डॉ स्नेह कुमार सिंह कुशवाहा







