Farrukhabad Today News:
टीएफ़आई (टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया) के आह्वान पर फर्रुखाबाद में शिक्षकों का काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन।
Farrukhabad Today News:
“ शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) जैसे अव्यावहारिक फरमान वापस लो — शिक्षकों को मानसिक दबाव से मुक्त करो”
“जब इरादों में सच्चाई और दिल में हो जुनून,
तो हर अंधेरे के बाद जरूर निकलता है सुकून।
संघर्ष की राह पर जो डटकर चलता है इंसान,
इतिहास उसी के नाम से करता है पहचान।”
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आज जनपद फर्रुखाबाद में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर टेट(TET) के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए शिक्षण कार्य किया। शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि इस प्रकार के अनर्गल, अव्यावहारिक और मानसिक दबाव बढ़ाने वाले आदेशों को तत्काल वापस लिया जाए, जिससे शिक्षक पूरे मनोयोग, एकाग्रता और समर्पण के साथ शिक्षण कार्य कर सकें।
शिक्षक संगठनों का स्पष्ट कहना है कि यदि कोई शिक्षक 50 वर्ष की आयु में फिर से टेट जैसी परीक्षाओं की तैयारी में लगा दिया जाएगा, तो वह न तो मानसिक रूप से संतुलित रह पाएगा और न ही पूरी निष्ठा के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकेगा। इसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा। इसलिए शासन-प्रशासन से मांग की गई कि अध्यापकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से पूर्णतः मुक्त किया जाए और कोई व्यावहारिक व मानवीय समाधान निकाला जाए।
शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कल पुनः सभी शिक्षक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। इसके उपरांत 26 तारीख को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला अधिकारी कार्यालय तक विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम प्रेषित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इसके बाद भी यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर पूरे प्रदेश के शिक्षक दिल्ली कूच करेंगे, जिसकी समस्त नैतिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
अभिनेश मिश्रा (जिला अध्यक्ष, पूर्व माध्यमिक जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ),
अवनीश चौहान (जिला अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ),
देवेश यादव (वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ),
डॉ. वीरेंद्र त्रिवेदी (जिला महामंत्री),
अशोक कुमार सिंह (जिला मीडिया प्रभारी),
राजीव यादव (जिला उपाध्यक्ष),
के.पी. यादव, विष्णु दयाल, रामेश्वर सिंह,
गरिमा राठौर, बबीता सिंह, शोभा कुमारी, गीता सिंह, सुमन दीक्षित, फरहा हसनैन, कमल सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
यह संपूर्ण आंदोलन टीएफ़आई – टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में एकजुटता, संगठन और संघर्ष का सशक्त प्रतीक बना, जहाँ शिक्षकों ने एक स्वर में कहा—
“सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियाँ, मानसिक स्वतंत्रता और गरिमापूर्ण जीवन ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सच्ची नींव हैं।”
“हर कोशिश में भले ही जीत न मिल पाए,
मगर हर जीत की शुरुआत कोशिश कहलाए।
जो शिक्षक संघर्ष से पीछे न हटे,
वही आने वाली पीढ़ी का भविष्य सजाए।”
रिपोर्ट-डॉ स्नेह कुमार सिंह कुशवाहा।







